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कैसे मनाएं जन्मदिन

कैसे मनाएं जन्मदिन

 व्यक्ति का जन्मदिन उसका बहुत ही महत्वपूर्ण और उत्साह से भरा हुआ दिन होता है l आजकल के समय में व्यक्ति या परिवार बहुत समय पहले से ही  जन्मदिन की योजनाएं बनाने लगता है l सनातन धर्म के अनुसार हर एक दिवस को पूजा पाठ से जोड़ा गया है l  यह हमारे वेदों और ऋषि मुनियों की देन है  की कोई भी महत्वपूर्ण दिन अगर हमारे जीवन में आता है तो उसमें पूजा पाठ होना बहुत जरूरी है बड़ों का मान सम्मान और मंत्र उच्चारण आवश्यक माने गए हैं l आज के समय में पश्चिमी सभ्यता का पालन करते हुए हमने अपने मूल रीति रिवाज को खो दिया है l हमें जन्मदिन मनाना सिर्फ इतना ही लगता है मोमबत्ती लगाकर केक काटना अपने  अनुसार एक बढ़िया सी जगह पर जाकर खाना खाना चाहे उसकी शुद्धि हो या ना हो किसी भी अशुद्ध तरीके से पकाया गया खाना खाकर पार्टी करना, जो हमारे सनातन धर्म अनुसार निषिद्ध है l कैसे मनाएं जन्मदिन

 

जन्मदिन में  तिथि का महत्त्व

एक बात का ध्यान रखें कि जब भी व्यक्ति अपना जन्मदिन मनाए तो वह तिथि अनुसार ही मनाएं l  जिस तिथि को जातक पैदा होता है वह तिथि माननीय है, ना कि कैलेंडर की तारीख l आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो जन्मदिन का अर्थ है वृद्धि या तरक्की  l जैसे कि जब भी व्यक्ति जन्मदिन में बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं वह  आने वाले साल के लिए हमें शुभकामनाएं देते हैं l  यह एक ऐसा दिन है जब  हर साल नई शुरुआत करते हैं l तिथि पर दी गई शुभकामनाएं हमें बहुत मदद करती हैं l जन्मदिन में  तिथि का महत्त्व और कैसे मनाएं जन्मदिन

जातक को अपने जन्मदिन पर औषधि स्नान करना चाहिए , औषधि स्नान करने के उपरांत इस बात का ध्यान रखें कि जो कपड़े व्यक्ति ने पहने थे वह दोबारा इस्तेमाल ना हो और इनको वहीं छोड़ दें l अगर जातक औषधि स्नान ना कर पाए तो उसको तुला दान अवश्य करना चाहिए तुलादान का अर्थ है अपने वजन के अनुसार एन का दान करना l अगर व्यक्ति तुलादान भी करता है तब भी उसको उपयोग में लाए हुए वस्त्र (पहने हुए कपड़े) को दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए l  इन  को जहां तुलादान होता है वहीं छोड़ देना चाहिए l 

 जैसे ही नहाने की क्रिया हो मंत्र  सहित उसका नहाने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए  l जातक को यह समझना चाहिए जिस भी पानी से वह स्नान कर रहा है, उसकी शुद्धि हो रही है ,वह जल गंगा जल के समान पवित्र है l  स्नान के उपरांत  प्रयास करें कि नए कपड़े पहने या साफ धुले हुए कपड़े हो, पुराने या मलिन वस्त्र  न पहने lइस शुभ दिन पर  नवग्रह का पूजन आवश्यक माना गया है l अगर वह व्यक्ति नवग्रह का पूजन करता है तो उसके पीड़ित ग्रहों को पूजा पाठ और मंत्र शक्ति  द्वारा शांत किया जाता है l  जातक घर में या मंदिर में कोई भी पूजा करें परंतु उसको अपने कुल देवता को पूजा में भूलना नहीं चाहिए  l  कुल देवता या देवी जो भी हैं उनकोअलग से प्रसाद का भोग लगाना चाहिए l इसके बाद अपने इष्ट देव का ध्यान व पूजा आराधना करें. इसके साथ ही अपनी राशि के अनुसार स्वामी ग्रह का मंत्र जाप करना चाहिए. इससे आपके ऊपर देवताओं की कृपा बनी रहती है.l  व्यक्ति को सूर्य को अर्घ्य  देना देना बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है l पूजा के बाद बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें l 

 इस दिन माता-पिता और बुजुर्गों का शुभचिंतकों काआशीर्वाद लेना चाहिए. जो लोग अपने से बड़ों का सम्मान करते हैं उनसे देवता भी प्रसन्न रहते हैं.

जन्मदिन के अवसर पर दान पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है अपनी इच्छा अनुसार उसे दिन कुछ ना कुछ दान जरूर करें जरूरतमंदों को इन सब कृतियों के साथ पशु और पक्षियों को कभी ना भूले मछलियों को चारा खिलाएं मछलियों को आटे की  की गोलियां खिलाएं l  गाय को चारl ,पक्षियों कोअनाज का दान l  क्रियाकलापों को आप जन्मदिन के अलावा भी रोजमारा की जिंदगी में या आप अपनी रोज की रूटीन मेंशामिल कर सकते हैं l

जन्मदिन पर कुछ निषिद्ध कृतियां

जातक को जन्मदिन के दिन नाखून और बाल बिल्कुल नहीं काटने चाहिए l  हो सके तो यात्रा को टालना चाहिए l  किसी तरह की हिंसा या ना खाने वाले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए l  दिन जातक के लिए बहुत महत्वपूर्णऔर और पवित्र दिन है l जातक को चाहिए कि कार्यकलाप ऐसा हो कि किसी से भी वह अपशब्द ना सुने l मन में अच्छे भाव लाकर अपने अच्छे भविष्य की मनोकामना करनी चाहिए और दूसरे व्यक्तियों को खुश रखने की और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए l 

आजकल जन्मदिन पर मोमबत्ती लगाकर उसको बुझाने का रिवाज सा बन गया है लेकिन कभी भी अपने जन्मदिन पर प्रज्वलित जोत को ना बुझाएं l शास्त्रों में जोत का बुझाना मृत्यु के संदर्भ में माना जाता है इसलिए यह कृत्य सबसे ज्यादाअशुभ है कैसे मनाएं जन्मदिन और जन्मदिन पर कुछ निषिद्ध कृतियां

एक बात का ध्यान अवश्य रखें आजकल पश्चिमी संस्कृति को देखते हुए बहुत सारे लोग 12:00 बजे   रात शुभकामनाएं देने लगते हैं l इस समय की शुभकामनाएं फलदाई नहीं होती हैं हिंदू संस्कृति के अनुसार दिन सूर्य उदय से ही आरंभ होता है रात्रि के समय रज-तम कणों की मात्रा अधिकहोती है यह फलदाई नहीं यह समय फलदाई न हीं होता है

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जब भी जातक को जन्मदिन की बधाई शुभकामनाएं आशीर्वाद देना हो तो उसे तिथि के सूर्य उदय के उपरांत ही दें

 इस समय मामबत्तियां जलाकर बुझाई जाती हैं l  मोमबत्ती तमोगुण वाली मानी जाती हैl  उसे जलानेसे कष्टदायक स्पंदन प्रक्षेपित होते हैं l मोमबत्ती जलाकर बुझाना यह कृत्य और निंदनीय  है इसके उपरांत केक का काटा जाना हमारे शास्त्रों के अनुसार माननीय नहीं है l अगर हम ऋषि मुनियों का समय देखे तो उसे समय सब्जी कभी भी कटी नहीं जाती थीl  उसको तोड़कर पकाया जाता था सब्जी का काटना और इस तरह केक का काटना दोनों ही चीज उपयोगी नहीं होती है जब सब्जी अगर काटी जाए तो उसको भी चाकू स्टील या लोहे का लिया जाता है l  लेकिन केक के लिए प्लास्टिक के चाकू  का इस्तेमाल किया जाता है l केक वैसे ही सेहत के लिए भी अच्छा नहीं होता है और उसमें प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से वह और भी कष्टकारी होता है l हालांकिआजकल लकड़ी के उसे चाकू आने लग गए हैं परंतु मूल रूप की बात यह है कि केक हमारी सभ्यता की देन नहीं है l

एक बात का मूल रूप से ध्यान रखना चाहिए कि जब हम सनातन धर्म के अनुसार जन्मदिन मनाते हैं हमारा दिन हमारे दिनचर्या बहुत ऊर्जा भरी रहती है l लेकिन जब हम पाश्चात्य संस्कृति से जन्मदिन मनाते हैं तो हमारे शरीर की ऊर्जा खत्म हो जाती है और शरीर को थकावट सी लगती है l अगर आप सही में अपने जन्मदिन को एक अच्छा दिन बनाना चाहते हैं तो सनातन धर्म के अनुसार हमारे शास्त्रों के  नियमों का पालन करके ही इस दिन को अपने लिए प्रेरणादायक दिन बनाएंl 

आजकल लोग बाहर जाकर पार्टी करते हैं, लेकिन अपने घर में पंडितों को विद्वानों को सम्मान पूर्वक बुलाकर उनका भोजन खिलाकर उनका सम्मान करके उचित दक्षिणा देकर उन्हें घर से विदा करेंl  और यह समझिए कि विद्वानों के घर में पैर रखने से ही घर का वातावरण शुद्ध होता हैऔर लोगों की बुद्धि का विकास होता है l आप अपने घर पर विद्वान को आमंत्रित करते हैं वह बहुत खुशी पूर्वक आपके पास आता है और मंत्र उच्चारण के साथ ही भोजन प्रारंभ करता है और मंत्र उच्चारण   के साथ ही भोजन को समाप्ति करता है यह समझिए कि इन मंत्र उच्चारण  का जो गुंजन है वह घर के वातावरण को बहुत अच्छा बनाता है और आप के घर से अगर विद्वान कुछ खाकर जाता है आपके आशीर्वाद देकर जाता है तो आपकीतरक्की के रास्ते अपने आप खुलते हैं  l कुछ लोग जन्मदिन पर हवन पाठ और सत्यनारायण की पूजा भी करवाते हैं l 

जन्मदिन वाले दिन जातक को भेंट अवश्य देनी चाहिए l भेंट देते समय देने वाले और लेने वाले के मन में निश्चल भाव होना चाहिएl  आजकल के बच्चे अपनी मनपसंद गिफ्ट पहले ही भेंट पहले ही बता देते हैं यह भी एक अच्छी बात है l अगर ऐसा ना हो तो भी आपके बच्चे की उम्र या इंसान की या जातक की उम्र के हिसाब से उसकी भेंट देनी चाहिए कि किस उम्र में किस चीज की ज्यादा आवश्यकता है ताकि वह उसका उपयोग कर पाए घर में वास्तु ऐसे ही ना पड़ी रहे l 

संतों का जन्मदिन-

संतों का जन्मदिन कभी भी तिथि अनुसार नहीं मनाया जाता है उन्हें जिस दिन गुरु की पदवी प्राप्त होती है उसी दिन उनका जन्मदिन मनाया जाता है यह माना जाता है कि यह उनका पुनर्जन्म होता है उसे दिन को जन्मदिन ना बोलकर प्राकट्य दिवस के रूप में या प्रकट दिन के रूप में मनाया जाता है | कैसे मनाएं संतों का जन्मदिन

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