ASTROKHOJ

श्वेतार्क गणपति

श्वेतार्क गणपति

श्वेतार्क गणपति- श्री गणेश एक ऐसे भगवान है  जिनका  पूजन   सर्वप्रथम किया जाता है और उनके पूजन के बिना कोई भी कार्य शुरू नहीं किया जाता है l  ऐसा माना जाता है कि श्री गणेश सर्वप्रथम मनाए जाएंगे तभी कार्य सिद्ध होगा l कोई भी पूजन हो भगवान गणेश को कभी भुला नहीं जा सकता है ना उनके बिना कोई काम किया जा सकता है l

गणपति भगवान में इतनी शक्ति है जो रिद्धि सिद्धि मां सरस्वती मां लक्ष्मी के साथ अपना स्थान ग्रहण करके सभी लोगों का भला करते हैं l और ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश सबसे जल्दी प्रसन्न भी होते हैंलड्डू तो इनका प्रिय भोग हैl

वक्रतुण्ड महाकाय सुरकोटि समप्रभा।

हे प्रभु मुझे मेरे सभी कार्यों में हर समय बाधा से मुक्ति प्रदान करें

(घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली।
मेरे ईश्वर मेरे महाप्रभु मेरे हर कार्य को बिना किसी विघ्न के पूर्ण कीजिए ll)

(अपनी कृपा बनाए रखें ll )

श्वेतार्क गणपति को लेकर हमारे मन में बहुत सारी उलझने हैं और उलझाने जिंदगी में तब आती है जब हमें पूरी तरह सच का पता नहीं होता है इसी तरह हमें जब तक इस गणपति का पता नहीं लगेगा मन में कई भ्रांतियां और दुविधाएं बनती रहेगी l

यह पौधा घर के आसपास ही देखने को मिल जाता है और सुनसान जगह पर तो मिलता है ज्यादातर यह पौधा गर्म इलाकों में पाया जाता है l यह अपने आप उगने वाला एक पौधा है इसको ज्यादा केयर की भी जरूरत नहीं होती है और जंगली पौधों में ही या  जंगली वनस्पतियों में ही इसकी गिनती की जाती है l इसको घर में लगाने से न सिर्फ भगवान गणेश बल्कि मां लक्ष्मी रिद्धि सिद्धि और भगवान शिव मां पार्वती सब का आशीर्वाद मिलता है l

है क्या  श्वेतार्क गणपति

श्वेतार्क गणपति की जब भी हम बात करते हैं तब उसको किसी माध्यम से जोड़ा जाता है यह मध्य वनस्पति के अंतर्गत आता है l  यह गणेश की आकृति मिट्टी की या पत्थर की नहीं होती है यह एक पेड़ की जड़ की होती है यानी लकड़ी की होती है l यह बहुत ही प्रसिद्ध आक का पौधा है जिसे मदार के नाम से भी जाना जाता है l अधिकतर गणेश जी का बाई सूंड वाला होना सही माना जाता है हम लोग नॉर्मल तरीके से घर में उन्हीं की ही पूजा करते हैं l बाईं  सूंड  वाले गणपति जी धन-धान्य सुख समृद्धि का साधन है और लक्ष्मी के साथ बाईं सूंड वाले गणेश का ही महत्व बताया गया है l दाएं सूंड वाले गणेश भगवान को कुछ और तरह की विधाओं में इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें तंत्र और सिद्धियां शामिल है l भगवान गणेश की बहुत सारी और बहुत तरह की बहुत रंगों की मूर्तियां हमें विभिन्न मंदिरों में देखने को मिलती हैं l फिर श्वेतार्क गणपति का इतना महत्व क्यों है? ? श्वेतार्क एक तरह की वनस्पति है जिसमें बहुत रंगों के फूल आते हैं कुछ में बैंगनी कुछ में नील कुछ में सफेद , जिस आक के पौधे पर सफेद रंग का फूल आता है उसे ही श्वेता का गणपति के रूप में माना जाता है l यह मात्र एक वृक्ष  या एक पौधे की जड़ है जिसको गणेश का रूप प्रकृति द्वारा दिया जाता है और इसका मन से सम्मान से पूजन किया जाता है l

रविवार या गुरुवार को पुष्यनक्षत्र में इसकी जड़ को लाना चाहिए और पूजा करनी चाहिए lअगर ऐसा इस नक्षत्र में किया जाए तो विपत्ति का नाश होता है l इसके कलम से यंत्र बना सकते हैं ऐसा माना जाता है कि इस जड़ के दर्शन मात्र से भूत-प्रेत जैसी बाधाएं पास नहीं फटकती । अगर इस पौधे की टहनी तोड़कर सुखा लें और उसकी कलम बनाकर उसे यंत्र का निर्माण करें ,यह यंत्र अनार के कलम से ज्यादा अच्छा होता है और इसकी टहनी में मां सरस्वती का वास होता है सोचिए कितना महत्वपूर्ण और पवित्र है यह पौधा l

हेरम्बा, तुम अथाह हो, और तुम्हारे पास एक कुल्हाड़ी है। ब्रह्माण्ड के भगवान को नमस्कार, जो मूषक को धारण करते हैं।

अर्थ – हे हेरम्ब ! आपको किन्ही प्रमाणों द्वारा मापा नहीं जा सकता, आप परशु धारण करने वाले हैं, आपका वाहन मूषक है । आप विश्वेश्वर को मेरा हर बार बारंबार प्रणाम है ।

श्वेतार्क गणपति का निर्माण

यह पौधा अगर अपने आप घर में उगता है तब भी यह धन-धान्य और सुख समृद्धि लेकर आता है जरूरी नहीं है कि यह पौधा हमें कहीं से लाकर  लगाना चाहिए l

इस वनस्पति की जड़ को अगर रखना है तो लाल सिंदूर लगाकर और लाल कपड़े में ही लपेट कर रखा जाता है अगर पूजा स्थान पर रखते हैं तो लाल कपड़े के ऊपर रखा जाता है lयह गणपति की आकृति कोई मूर्तिकार नहीं बनता है एक पेड़ जिसको एक ही स्थान पर उगे हुए 27 वर्ष हो जाएं और उसमें सफेद रंग का फूल आए उसी की जड़ में गणेश भगवान अपना रूप धारण कर लेते हैं l यह गणपति का आकार एक आदमी के अंगूठे से बड़ा नहीं होना चाहिए अगर इसको पूजा में रखना हो तो l

पूजन विधि

यह गणपति किसी भी रूप में पूजा जाए बहुत जल्दी प्रसन्न होता है जरूरी नहीं है माला जप किया जाए l अगर आप यह  गणपति रखते हैं तो किसी पंडित से इसकी प्रतिष्ठा जरूर कारण एक ज्ञानी इंसान हो और अगर आप किसी पंडित से इसको ले रहे हैं तो भी प्रतिष्ठित ही लेने नहीं तो यह अपना असर नहीं दिखाएगा l जैसा कि आपको बताया जा चुका है कि इसमें हर भगवान का वास है लगभग सारे भगवानइसमें भगवान का वास है तो भगवान कोई भी हो अपने चाहने वालों का कभी बुरा नहीं जाता है और पूजा पाठ करने में सामान से ज्यादा श्रद्धा और भावना की जरूरत होती है l

हर तरह के पूजा पाठ में विधि की आवश्यकता पड़ती है हर पूजा का अपना-अपना तरीका होता है और अपना-अपना समय होता हैl

श्वेतार्क  गणेश की पूजा करने के लिए हमेशा साफ स्वच्छ कपड़े हो सके तो लाल रंग के कपड़े पहनना चाहिए और उनका आसान बेचकर लाल पुष्प से ही इनका अभिषेक करना चाहिए अगर कोई जाप करना हो तो मूंगे की माला या चंदन की माला से करना चाहिए अंत में जब भोग लगे तो मूंग के लड्डू या  मोतीचूर के लड्डू से लगाए l

नेवैद्य में लडडू अर्पित करने चाहिए ”ऊँ वक्रतुण्डाय गुंजन ”मंत्र का जप करते हुए श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ श्वेतार्क की पूजा कि जानी चाहिए l

यह गणपति घर में रखने से घर की सुख समृद्धि और खुशियां हमेशा बनी रहती हैं यह पौधा हमें आमतौर पर सड़क के आसपास देखने को मिलता है पर हम ध्यान भी नहीं देते हैं अगली बार आप कभी भी घर से निकले और यह पौधा आपको दिखे तो जरूर ध्यान दीजिए इसका महत्व समझिए अगर आप इसको किसी वजह से घर नहीं ला पाए तो अगर यह पौधा दिखे और उसमें सफेद रंग के फूलों तो भगवान गणेश मां लक्ष्मी मां सरस्वती भगवान शंकर मां पार्वती रिद्धि सिद्धि और यह सब समझ कर इसको प्रणाम कीजिए l

श्वेतार्क गणपति द्वारा उपाय

किसी भी काम में अगर बड़ा आ रही है और बहुत जल्दी आपको असर चाहिए तो आपगणपति की साधना कर सकते हैं लेकिन यह साधना करने के लिए उचित समय और उचित दिन का मान जाना बहुत जरूरी है l

गणपति के स्थापन मात्र से ही घर में लक्ष्मी का वास अन्नपूर्णा का आशीर्वाद, रिद्धि सिद्धि का  वास होता है l अपने ऑफिस या कार्यस्थल में भी आप इसकी पूजन पूजा कर सकते हैं इसका पूजन करने मात्र से ही व्यापार में तरक्की मिलती है और अगर इसकी तांत्रिक विधि अपनाई जाए तो इसका कोई तोड़ नहीं है लेकिन तांत्रिक विधि अपनाने के लिए एकसक्षमऔरकुशल तांत्रिक से काम लेना बहुत जरूरी है l

रुका हुआ पैसा आपको वापस नहीं मिल रहा है तो इसकी जड़चाहे वह गणेश की आकृति में हो या ना हो मात्रा जड़ रखने से ही आपका रुका हुआ पैसा वापस मिलने के चांसेस बढ़ जाते हैं l

घर में लगातार बीमारी या कोई नशे का शिकार या जुआया किसी भी तरह से पैसा बर्बाद हो रहा हो तो यह पौधे की जड़ जिसमें गणेश का वास है बहुत मदद करती है इस तरह की परेशानियों से बाहर आने मेंl

कर्ज मुक्ति के लिए बहुत अच्छा उपाय है यह अगर किसी का पढ़ाई में बच्चे का मन नहीं लगता है अगर किसी बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो इसका आप बच्चे की एकाग्रता और संयम बढ़ाने के लिए काम में ला सकते हैं l

पुत्रकांक्षी यानि पुत्र कामना करने वालों को गणपति पुत्रदा स्रोत का पाठ करना चाहिए ।।

श्वेतार्क गणेश महत्व:दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन के साथ ही श्वेतार्क गणेश जी का पूजन और Atharvashirsha का पाठ करने से बंधन दूर था हैं और कार्यों में आई रूकावटें खुद:ही दूर हो जाती है ।। धन की प्राप्ति हेतु श्वेतार्क की छवि को दीपावली की रात्रि में पूजन करना चाहिए ।।

श्वेतार्क गणेश के सम्मुख मंत्र का प्रतिदिन 10माला जप करना चाहिए तथा ”ऊँ नमो हस्ति -मुखय लम्बोदराई उच्छिष्ट l

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *